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असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम-पेज़-4

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम-पेज़-4

की खराबियाँ, चच्चे (चाचा) पर जान की तकलीफें, या मशीनों के नुक्सान वगरैह-वगरैह सबूत देंगे कि शनिच्चर मंदा हो बैठा गर्जे कि सूरज की अंतर्दशा या शनिच्चर की साढ़सती चल रही है कि क्यासी खयाल की बजाय ठोस चीजों और पक्की घटनाओं की बुनियाद पर जिन्दगी के हालात के जवाबों को दुरुस्त माना गया है | हस्तरेखा से टेवा-टिपड़ा दुरुस्त करके जिन्दगी के हालत मालूम करने के इलाज इस इल्म में हर शख्स के टेवे से 120 वर्ष की उम्र तक के वर्षफल चन्द मिनटों में बना लेने के लिए ग्रह चाली फहरिस्त (सूची) मौजूद है |

2. शक्की असर की हालत ए वक्त शक का फायदा उठाने के लिए उपाय निहायत आसान और कम कीमत के बताए गए जो अमूमन ठीक वक्त पर असर देता हुए पाए गए हैं |

3. मज़मून बहुत लंबा चौड़ा होने की वजह से सिर्फ उन्हीं घटनाओं का जिक्र है तो निहायत संगीन, शदीद बल्कि खून से लिखे जाने के काबिल हों मामूली तप (बुखार) या साधारण कष्ट की बजाए तपेदिक, मिर्गी, अधरंग,इंसानी बाकी है या चला गया है (मर गया) का बखान किया गया है, गर्जे कि दरम्यानी शक्की जवाब को दूर करने की कोशिश की गई है |

4. प्राचीन (पुराने) ज्योतिष में अगर राहु जन्म कुंडली के पहले घर में हो तो केतु उस कुंडली में हमेशां लग्न से सातवें होगा बुध भी सूरज के आगे पीछे या नजदीक साथ-साथ चलता होगा मगर ग्रहों की यह कैदें इस मज़मून में नहीं रखी गई बल्कि इस मज़मून के मुताबिक वर्षफल बनाने की दी हुई फहरिस्त की बुनियाद पर राहु और केतु एक दूसरे के नजदीक घरों में बल्कि हाथ रेखा से बनी हुई जन्म कुंडली या वर्षफल में तो एक ही घर में इक्कठे की आ सकते हैं इसी तरह हो सकता है कि बुध का ग्रह सूरज से कितने ही घर दूर हो जावे गर्जे कि इस मज़मून में हर एक ग्रह अपनी-अपनी जगह आज़ाद होगा और उसकी अपनी बैठक, ग्रह चाली हालत या तरीका असर पर किसी तरह की कैद न होगी और तमाम ग्रह समान अधिकारों के स्वामी होंगे |
५. खास बात यह है के टेवे या कुंडली से जिंदगी का सबंधित फलादेश देखने के सिद्धांतों में :

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आप भी दिखाएं Lens Flare Effect अपने ब्लॉग पर बिना फोटोशाप के |

thm-lens-flare-effect जैसा कि आप बाई तरफ दिखाई दे रहे चित्र में देख रहे हैं, आप भी बिना फोटोशाप की सहायता के इस तरह के Lens Flare effect का प्रयोग अपने ब्लॉग पर कर सकते हैं | ऐसे effect ब्लॉग पर प्रदर्शित करना बहुत आसान है | आज की पोस्ट में आप जानेगे कि किसी भी टेक्स्ट पर ये प्रभाव कैसे उत्पन्न किया जाता है ? इस प्रकार के इफेक्ट के लिए तकनीक की ज्यादा जानकारी की जरूरत नहीं है | इस प्रभाव को देखने के लिए ब्राउजर के नये संस्करण का इस्तेमाल करें |

अपना टेक्स्ट HTML Mode में निम्न प्रकार से लिखें |

<div id="thm-content" >
<thm-lfe>TIPS<BR/>HINDI<BR/>MEIN</thm-lfe>
</div>

CSS कोड निम्न प्रकार से लिखें |

1. तीसरी पंक्ति : बैकग्राउंड के रंग को बदलने के लिए आप इस कोड #D50304 की जगह अपनी पसंद का रंग का कोड लिखें |
2.चौथी पंक्ति : बैकग्राउंड की चौड़ाई कम करने के लिए जहाँ पर 615px लिखा है उसमें अपने अनुसार परिवर्तन करें |
3.नवीं पंक्ति : फॉण्ट के रंग को बदलने के लिए इस कोड #fff के जगह अपनी पसंद के रंग का कोड लिखें |
यदि आप इस तरह के इफेक्ट को इसी तरह से प्रयोग करना चाहते हैं तो निम्न कोड को कापी करने के बाद इसे अपने ब्लॉग के साइडबार में स्थापित कर लें |

नोट : इस तरह के इफेक्ट के लिए HTML Mode का प्रयोग करें

<style>
#thm-content {padding: 10px; 
background:#D50304;
width:615px;
text-align:center;}
#thm-content thm-lfe {font-size:130px;
line-height:150px;
font-family: 'Arbutus', cursive;
    color: #FFF;
    text-shadow: 0 0 150px #FFF, 0 0 60px #FFF, 0 0 10px #FFF;
}
</style>
<script type="text/javascript">
  WebFontConfig = {
    google: { families: [ 'Arbutus::latin' ] }
  };
  (function() {
    var wf = document.createElement('script');
    wf.src = ('https:' == document.location.protocol ? 'https' : 'http') +
      '://ajax.googleapis.com/ajax/libs/webfont/1/webfont.js';
    wf.type = 'text/javascript';
    wf.async = 'true';
    var s = document.getElementsByTagName('script')[0];
    s.parentNode.insertBefore(wf, s);
  })(); </script>

लाइव डेमो आप निम्न देख सकते हैं

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नोट : इस तरह के इफेक्ट का प्रयोग जो चाहे अपने ब्लॉग पर कर सकता है, लेकिन यदि कोई इस कोड का प्रयोग करके कोई पोस्ट अपने ब्लॉग पर लिखना चाहता है तो उस व्यक्ति-विशेष को लिखित आज्ञा लेना अनिवार्य है |

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असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम-पेज़-3

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम-पेज़-3

9. इसमें शक नहीं कि लड़कपन की तबियत वाले निंदक (बदखोई करने वाला) और कुएं के मेंढक (अपने दायरे में महदूद) जैसे दिमागी मालिक और मखौल उड़ाने वाले भोले बादशाह (बेवकूफ) से फराहत आ ही जाया करती है मगर दुनियावी राशियों को क्षमतानुसार (हस्बे हैसियत) इस इल्म के फायदा पहुँचाना इन्सानी शराफत होगी | क्योंकि

कर भला होगा भला
आखिर भले का भला
नए और पुराने मज़मून का फर्क
यह किताब

जन्म वक्त्त दिन माह उम्र साल सब कुछ,
हस्म नाम को भी मिटा देती है ||
फक्त्त रेखा फोटो मकानों से कुंडली,
जन्म भय चन्द्र बना देती है ||
लिखित जब विधाता किसी की हो शक्की,
उपाय मामूली बता देती है ||
ग्रह फल व राशि के टुकड़े दो करता,
या रेखा में मेख लगा देती है ||

1. इस विद्या की नीवं सामुद्रिक विद्या पर है जिससे मौजूदा ज्योतिष के मुताबिक बनी कुंडली के लग्न की दुरुस्ती करने में मदद मिलती है | जब प्राचीन विचारों पर शनिच्चर की अढाई साला मंदी चाल के तीन बड़े चक्रों (2 ½, 5, 7 ½ साल) की साढ़सती की फ़िक्र माननी पड़े, तो इस लाल किताबी मज़मून की बुनियाद पर शनिच्चर की मंदी घटनाएं मसलन साँप डसने की घटनाएं (वारदातें), मकान गिर जाने या बिक जाने, आँख की नज़र (बिनाई)

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम-पेज़-2

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम-पेज़-2

हाँ इतना जरूर है यह मजमून बाज़ औकात अपनी बरकत से किसी प्राणी पर हमला करने बाले ज़ालिम शेर के साहमने के ऐसी गैबी दीवार खड़ी कर देगा जिससे कि वो शेर उसका कुछ ना बिगाड़ सके |फिर भी शेर और ऊँची छलांग से हमला करे तो ये मज़मून गैबी दीवार को और भी ऊँची करता जाता है मगर हमला करने वाले शेर पर न गोली चलाएगा और न ही उसकी टांग पकड़ेगा मगर रूहानी मदद से वो शेर थक हार कर खुद ब खुद ही चला जाये या हमले का इरादा ही छोड़ देगा |जिससे दोनों अलहदा-अलहदा हो जाने पर वो प्राणी सुख का सांस लेने लगेगा |

२. मज़मून की बुनियाद पर "लाल किताब" की जिल्द सुर्ख खूनी लाल रंग की जो चमकीला न हो मुबारिक होगी | इस रंग के इलावा बाकि सब रंग मनहूस असर के होंगे | 3. इस किताब में सामुद्रिक विद्या की क ख (वर्णमाला) मुकम्मल तौर पर देने की कोशिश की गई है मगर चूँकि एक फरमान दूसरे से बिलकुल जुदा ही होता चला गया है इसलिए तमाम की तमाम किताब शुरू से आखिर तक कई दफा बार-बार बतौर नवल बेशक बगैर समझे ही पढते जाना स्वयं ही मज़मून का भेद बना देगा |
4. किसी बात को आजमाने से पहले उसे अपनी जाती फैसला से गलत समझ कर वहां खड़ा कर लेना मज़मून की वाकिफियत के लिए मददगार ना होगा |
5. किताब के बगैर फर्जी मन मानी या मनघडंत बात वहां पैदा कर देगी और वहां का इलाज शायद ही कहीं मिलता होगा |
6. कुंडली का बनाना और उसकी दुरुस्ती को जांचना तमाम सम्बंधित विद्या के परिचय के बाद शुरू करें और दरम्यानी वक्त में मौजूदा ज्योतिष की बनाई हुई कुंडली से ही तजुर्बा हासिल करें मगर ख्याल रहे कि अपने ही हाथ का खाना या अपनी ही जन्म कुंडली, मजमून सीखने के रास्ते में सबसे बड़ी रूकावट होगी |
7. मज़मून की गलती बताने वाला इस इल्म को बढ़ाने के लिए सबसे मददगार दोस्त होगा क्योंकि असल दोस्त वो है जो नुक्स बतलाएं |
8. बात की असलियत को पाने के लिए किसी दूसरे इल्म या आलिम की बदखोई से परहेज़ करें |

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम

असली "लाल किताब के फरमान 1952" हिंदी में : प्रथम

प्रथम
याद रहे न रहे, मगर ख्याल जरूर रहे कि
इन्सान बंधा खुद के लेख से अपने,
लेख विधाता कलम से हो
कलम चले खुद कर्म पे अपने,
झगडा अकल (1) किस्मत (2) हो

1. अकल=बुध 2. किस्मत = बृहस्पति

क्यूंकि
लिखा जब किस्मत का कागज, वक्त था वो गैब का
भेद उसने गुम था रखा, मौत दिन और गैब का
ख्याल रखना था बताया,कृतघ्न इन्सान का
एवज लड़की लड़का बोला, खतरा था शैतान का

हवाई ख्याल की बुनियादी दीवार का मजबून बेशक तुझे मौत का दिन, किसी के भेद या ऐब और माता के पेट में लड़का है या लड़की का इशारा कर देगा | अगर ऐसी बातों को वक्त से पहले ही जाहिर कर देगा तेरे खून को कोढ़ (की बीमारी) का सबूत देगा | क्योंकि दुनिया में इलाज है तो सिर्फ बीमारी का ही मगर मौत का कोई चारा नहीं और ज्योतिष भी गैब की वाकिफियत का इलम जरूर है | मगर कोई जादू-मंतर नहीं | यह सब दुनियावी हिसाब किताब है कोई दावा ए खुदाई नहीं | अगर है तो सिर्फ अपने जाति बचाव में किसी हद तक रूह की शांति के लिए मदद का ज़रिया है | मगर किसी दूसरे पर हमला करने का हथियार नहीं | किस्मत के मैदान में अगर कहीं पानी की नाली पीछे से आ रही हो और उसके रास्ते में कोई ईंट पत्थर गिर कर उसकी रवाना को रोक रहा हो मजमून की मदद उस कंकर,पत्थर को दूर कर के पानी की चाल को दुरुस्त क्बामौका कोशिश की जा सकती है | मगर पानी की मिकदार या किस्मत के मैदान में कोई कमी बेशी नहीं की जा सकती |

 

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